
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 15 और 16 अप्रैल को भुवनेश्वर में है. यूपी और उत्तराखंड में मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी के हौसले बुलंद है.
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि जिन राज्यों में 2019 तक चुनाव होने हैं वहां पर पार्टी को मजबूत करने के लिए पार्टी कई कार्यक्रम उन राज्यों में करने का प्लान बना चुकी है और ओडिशा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक उसी प्लान का हिस्सा है.
यूपी चुनाव की शानदार कामयाबी के बाद अब बीजेपी के एजेंडे में उड़ीसा आ गया है. शनिवार से भुवनेश्वर में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है. जहां खुद पीएम मोदी रोड शो करने वाले हैं. यानी की बीजेपी ने ओडिशा फतह की उलटी गिनती शुरु कर दी है.
ये अमित शाह का मिशन ओडिशा है. जिस पर कल से बीजेपी भुवनेश्नवर में वैचारिक मंथन शुरू कर रही है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत हुआ क्योंकि बीजेपी ओडिशा में मजबूत भविष्य की तरफ देख रही है.
इसलिए है खास
- गुजरात-हिमाचल प्रदेश की चुनावी रणनीति बनेगी
- पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा होगी
- केंद्र सरकार के तीन साल के कामकाज का लेखा-जोखा रखा जाएगा
- जीएसटी बिल पर आगे बढ़ने का रास्ता भी तैयार किया जाएगा
- लेकिन सबसे बढ़कर बात ये कि ओडिशा में बीजेपी के राजनीतिक भविष्य का रोड मैप तय होगा
- गुजरात-हिमाचल प्रदेश की चुनावी रणनीति बनेगी
- पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा होगी
- केंद्र सरकार के तीन साल के कामकाज का लेखा-जोखा रखा जाएगा
- जीएसटी बिल पर आगे बढ़ने का रास्ता भी तैयार किया जाएगा
- लेकिन सबसे बढ़कर बात ये कि ओडिशा में बीजेपी के राजनीतिक भविष्य का रोड मैप तय होगा
1997 में हुई थी भुवनेश्वर बैठक
इससे पहले बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक 1997 में भुवनेश्वर में ही हुई थी. बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद 26 दिसंबर को बीजू पटनायक ने जनता दल से अलग बीजेडी का गठन किया था और 1998 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी ने बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.
इससे पहले बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक 1997 में भुवनेश्वर में ही हुई थी. बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद 26 दिसंबर को बीजू पटनायक ने जनता दल से अलग बीजेडी का गठन किया था और 1998 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी ने बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.
नवीन पटनायक नेतृत्व में 2000 में एनडीए की सरकार ओडिशा में बनी थी. 2009 के लोक सभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन टूट गया था. लेकिन दो महीने पहले उड़ीसा नगरपालिका और निकाय के चुनाव में जनता का समर्थन मिला. 2012 के नगर पालिका और निकाय के चुनाव में बीजेपी को 36 सीटें ही मिली थीं. इस साल सम्पन्न हुए चुनाव में भाजपा को 850 सीट में से 306 सीटें मिलीं. इस चुनाव में बीजेडी को भी 191 सीटों का और कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान हुआ.
हुआ अमित शाह का विशेष स्वागत
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार से भुवनेश्वर में शुरू हो रही है. शुक्रवार को अमित शाह का पहले भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक रूप से स्वागत किया गया. शुक्रवार को उड़ीसा का नववर्ष भी है इसलिए अमित शाह ओडिशा बीजेपी दफ्तर गए जहां पर उनका 74 कमल के फूलों की माला पहनाकर और और 74 कमल के फूल देकर स्वागत किया गया.
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार से भुवनेश्वर में शुरू हो रही है. शुक्रवार को अमित शाह का पहले भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक रूप से स्वागत किया गया. शुक्रवार को उड़ीसा का नववर्ष भी है इसलिए अमित शाह ओडिशा बीजेपी दफ्तर गए जहां पर उनका 74 कमल के फूलों की माला पहनाकर और और 74 कमल के फूल देकर स्वागत किया गया.
अमित शाह को 74 कमल फूलों की माला और 74 फूल देकर स्वागत करने के पीछे ओडिशा बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मंशा ये है कि ओडिशा में 147 विधानसभा सीटें है और 74 सीटें बहुमत के लिए चाहिए. मतलब साफ है कि ओडिशा में सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है.
शनिवार को प्रधानमंत्री भी एयरपोर्ट से जनता मैदान तक रोड शो कर भुवनेशवर की जनता से रुबरु होंगे.
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