एक समय ऐसा था जब गुजरात में घटी एक घटना से पूरे राज्य में दंगा हो गया था जी हां हम बात कर रहे ट्रेन में कार सेवको को जलाने की घटना के बारे में, जिसके बाद आईएसआई की सहयोग से भारत में अशांति फैलाने के लिए उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश की जा रही थी।

इतना ही नहीं आतंकियों का मन इतना बढ़ गया था की इस दंगे के बदले वो भारत में कई लोगों को गुमराह कर नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए तैयार कर रहे थें। नरेंद्र मोदी के लिए वो समय काफी मुश्किल भरा था क्योंकि उस समय उनपर कई बार हमला किया जा रहा था। लेकिन अफसोस की वे आतंकी अपने मनसुबों में कामयाब नहीं हो पाए और उनको हर बार असफलता ही हाथ लगी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नरेंद्र मोदी और उनकी मौत के बीच में एक अधिकारी खड़ा था।
जिस अधिकारी की हम बात कर रहे हैं उसका नाम डीजी वंजारा था। जब भी आतंकी मौत बनकर नरेंद्र मोदी पर हमला करते थे तभी गुजरात पुलिस का ये अधिकारी उनके रास्ते आ जाता था। डीजी वंजारा के बारे में बता दें कि वो न केवल मोदी कीजान बचाते थें बल्कि उन आतंकवादियों को ही मौत के घाट उतार देता थें।
इतना ही नहीं आतंकियों का मन इतना बढ़ गया था की इस दंगे के बदले वो भारत में कई लोगों को गुमराह कर नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए तैयार कर रहे थें। नरेंद्र मोदी के लिए वो समय काफी मुश्किल भरा था क्योंकि उस समय उनपर कई बार हमला किया जा रहा था। लेकिन अफसोस की वे आतंकी अपने मनसुबों में कामयाब नहीं हो पाए और उनको हर बार असफलता ही हाथ लगी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नरेंद्र मोदी और उनकी मौत के बीच में एक अधिकारी खड़ा था।
जिस अधिकारी की हम बात कर रहे हैं उसका नाम डीजी वंजारा था। जब भी आतंकी मौत बनकर नरेंद्र मोदी पर हमला करते थे तभी गुजरात पुलिस का ये अधिकारी उनके रास्ते आ जाता था। डीजी वंजारा के बारे में बता दें कि वो न केवल मोदी कीजान बचाते थें बल्कि उन आतंकवादियों को ही मौत के घाट उतार देता थें।
इसी कारण पूर्व आईपीएस अधिकारी वंणजारा को गुजरात पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता था। इश्रत जहां जो देश का नामी एनकाउंटर है उसे भी वंजारा ने ही अंजाम दिया था। लेकिन बाद में डीजी वंजारा को इशरत जहां के कथित फर्जी मुठभेड़ कांड में मुख्य आरोपी भी बना दिया गया और फिर उन्हें स्पेशल सीबीआई कोर्ट से जमानत मिली।
हमसब जानते हैं कि आतंकियों के निशाने पर अक्सर बड़े नेता ही रहते हैं हमारे देश का राजनीतिक इतिहास भी यही बयां करता है। बता दें कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी आतंक की भेंट चढ गईं लेकिन प्रशासन उनकी रक्षा नहीं कर सका लेकिन वहीं गुजरात पुलिस ने अपनी बहादुरी की मिसाल पेश की जिसकी वजह से नरेंद्र मोदी आज हमारे समक्ष हैं। डीजी वंणजारा वो शख्सियत हैं जो आतंकियों की हिट लिस्ट में सबसे उपर होने के बावजूद नरेंद्र मोदी को बचाने में सफल रहे।
इस बात का खुद डीजी वंजारा को भी गर्व है। डीजी वंणजारा की बहादुरी वाकई काबिले तारीफ है क्योंकि इन्होंने जो काम किए वो काई मामूली काम नहीं थे।
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