निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बात से कुछ दिन पहले बहुत विवाद पैदा हुआ था। उन्होंने यह घोषणा कर दी थी कि वह अमेरिका में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं करने देंगे। और प्रबल विरोध के बावजूद ट्रंप ने इस घोषणा को वापस नहीं लिया था।
लेकिन अब राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उनका यह संकल्प उनके प्रचार की वेबसाइट से गायब हो गया है।जब ट्रंप के अभियान कर्ताओं से पूछा गया तो उन्होंने सफाई दी कि तकनीकी कारणों से यह संकल्प हट गया है और जल्द ही उसे फिर से पोस्ट कर दिया जाएगा।
और ऐसा ही हुआ शुक्रवार को यह फिर से वेबसाइट पर दिखाई देने लगा। आपको हम बता दें की यह संकल्प दिसंबर 2015 में कैलीफोर्निया के सेन बर्नार्डीनो में हुए आतंकी हमले के बाद पोस्ट किया गया था। ट्रंप ने जनसभाओं भी यह बात कही थी। और विरोध होने पर उस पर कोई सफाई देना ज़रूरी नहीं समझ था। परंतु राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने कहा कि वह समर्थकों को ही नहीं, विरोधियों को भी साथ लेकर अमेरिका को आगे बढ़ाएंगे।
आव्रजन प्रणाली की “विश्वसनीयता बहाल” करने के चलते उनकी टीम ने एक 10 सूत्री योजना तैयार की है। इस योजना में मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाना, कुछ देशों के लिए वीजा निलंबित करना और कानूनी आव्रजन व्यवस्था में सुधार, दायरे में हैं। इस योजना के चलते एच-1बी वीजा पर नरमी के संकेत भी मिले हैं। उनकी टीम ने बताया कि कानूनी आव्रजन प्रणाली में जो सुधार होंगे वह अमेरिका और उसके श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर किए जायेंगे। यह तो सब ही जनते हैं कि इस वीजा में बदलाव होने से सबसे ज्यादा भारतीय आइटी पेशेवरों को फर्क पड़ेगा।
कहा जा रहा है कि नेतृत्व संभालने के बाद उनका प्रशासन मुख्य रूप से देश की दक्षिणी सीमा पर दीवार बनाना, अवैध प्रवासियों को पकड़ने और रिहा करने के सिलसिले को बंद करना, आपराधिक गठजोड़ों के प्रति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति बनाना, अवैध प्रवासियों को पनाह देने वाले शहरों का धन रोकना, असंवैधानिक कार्यकारी आदेशों को रद करना और सभी आव्रजन कानूनों को अमल पर काम करेगा। उनकी टीम ने बताया कि बॉयोमेट्रिक एंट्री-एक्जिट वीजा ट्रैकिंग सिस्टम भी पूरी तरह से लागू किया जाएगा।
जिन देशों में समुचित तरीके से जांच-पड़ताल की व्यवस्था नहीं है वहां वीजा प्रणाली निलंबित की जाएगी। यह नीति ट्रंप के उस बयान को असर में लाती है जिसमें उन्होंने मुस्लिमों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की बात कही थी। प्रचार के दौरान उन्होंने पूर्व और अफ्रीका के कई मुस्लिम देशों का जिक्र भी किया था। इसके बाद उनके मुद्दे पर गैर कानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे लोग हैं। अब उनको निर्वासित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि ऐसे लोगों को उनका देश स्वीकार करे।
Like Our Facebook Fan Page
Subscribe For Free Email Updates
0 comments: