नई दिल्ली। जब महिला और पुरूष अपनी मरजी से एक ही छत के नीचे रह सकती हैं और अपनी जिंदगी बिना किसी बोझ और जिम्मेदारियों के जी सकते हैं और जहां तक बात लिव इन रिलेशनशिप की है तो उसके लिए पुरूष और महिला को खुद यह तय करने का हक हैकि वे बिना शादी किए इस रिलेशनशिप में रह सकते हैं।
➺ जब दो लोगों ने एक साथ रहने की ठान ली है तो कोई जरूरी नहीं कि सामाजिक दूस्तूरों की परवाह की ही जाए, हां जब तक निभाए, कभी कुछ भी करें, लेकिन एकदूसरे का सम्मान करना न भूलें।
➺ शारीरिक संबंधों की भी सीमा तय हो, यह कोई पति पत्नी का मामला नहीं कि महिला साथी की इच्छा न होने पर भी उसे साथ देना पडे।
➺ दोनों को एक दूसरे की दिनचर्या जानने का अधिकार हो, साथ ही एकदूसरे का मोबाइल नंबर देखने की पार्टनर को इजाजत हो।
➺ दोनों को एक दूसरे की दिनचर्या जानने का अधिकार हो, साथ ही एकदूसरे का मोबाइल नंबर देखने की पार्टनर को इजाजत हो।
➺ यदि संबंधों के चलते महिला गर्भवती हो जाए और वह संतान का जन्म देना चाहे तो वे इस की हकदार हो। परिवार वालों तथा मित्रों को इस रिश्ते की पूरी जानकारी हो।
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