ये है असली हकीकत ट्रिपल तलाक की !
एक बार फिर मुस्लिम महिला को ट्रिपल तलाक की वजह से अपना सब कुछ खोना पड़ा है.ट्रिपल तलाक का काला सच यही है.जब भी दिल किया मुस्लिम मर्द अपनी औरत को तीन बार तलाक तलाक तलाक बोल के जब मर्जी चाहए छोड़ सकता है.मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकार के नाम पर कुछ नहीं मिलता मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी नर्क जैसी है.
आज भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने खुलके मुस्लिम महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज उठाई है तो दूसरी तरफ कांग्रेस जैसी पार्टियाँ इस मुद्दे पर भी चुप बैठी हुई हैं.सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बोलता है तीन तलाक पर कानून बनाना कुरान से छेड़खानी करना होगा और ये अल्लह के निर्देशों के खिलाफ जाना होगा.
आखिर ये मुस्लिम पर्सनल बोर्ड धर्म को बीच में लाके मुस्लिम महिलाओं पर होने वाले इस तीन तलाक के उत्पीडन को सही बताने में क्यों लगे हुए हैं ? ये भारत है पाकिस्तान नहीं यहाँ कानून के हिसाब से चलना होगा धर्म के हिसाब से नहीं. आज मुस्लिम महिलाएं भी आगे आके तीन तलाक का विरोध कर रही हैं जोकि बहुत जरूरी है.
यूपी के सहारनपुर जिले में एक बहुत ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक गर्भवती मुस्लिम महिला ट्रिपल तलाक का शिकार हो गई. पीड़ित महिला को उसके पति ने तीन बार तलाक-तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया. अब पीड़िता ने पीएम मोदी और सीएम योगी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है.
पीड़ित मुस्लिम महिला ने बताया कि वह गर्भवती है. उसके पति और ससुराल वालों को शक था कि उसके पेट में पल रहा बच्चा बेटी हो सकती है. इसलिए वह महिला पर अबॉर्शन कराने का दबाव बना रहे थे. क्योंकि पहले से उसकी दो बेटियां हैं. मगर महिला ने इस बात से साफ इनकार कर दिया. नाराज होकर उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया.
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