फ्रांस में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव जोरों पर है. पहला फेज निकल चुका है और दूसरे चरण की तैयारी चल रही है. दूसरे चरण में ली पेन के साथ युवा और मध्यमार्गी इमैनुएल मैक्रोन हैं. हालांकि पहले फेज में ली पेन को इमैनुएल ने शिकस्त दे दी है, पर दोनों के बीच अब भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
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घोर दक्षिणपंथी ली पेन का अमेरिकी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समर्थन किया है. माना जा रहा है कि इस दिलचस्प मुकाबले में किसी के भी जीत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है. लिहाजा राइट विंगर मरीन ली पेन के समर्थकों ने अब भी जीत की आस नहीं छोड़ी है. राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल ली पेन अगर जीतने में अगर कामयाब हो जाती हैं तो देश में मौजूद मुस्लिम वर्ग के लिए कई मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी. जीतने के बाद ली पेन फ्रांस की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी. ली पेन 2012 के चुनाव में तीसरे नंबर पर रह चुकी हैं.
इन कारणों से हैं ली पेन के जीतने के आसार
फ्रांस राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल राइट विंग की उम्मीदवार मरीन ली पेन आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की घोषणा कर चुकी हैं. यही नहीं ली पेन मुस्लिमों पर सख्त कार्रवाई का वादा भी कर चुकी हैं. पेन ने कहा है कि वे देश में सभी मस्जिदें बंद करवा देंगी और नफरत फैलाने वालों को देश से निकाला जाएगा.
ली पेन ने फ्रांस की सीमा पर चौकसी बढ़ाने की बात कही. दरअसल, इससे रिफ्यूजियों के देश में आने पर नजर रखना आसान होगा. ली ने कहा कि फ्रांस में रिफ्यूजियों को घर मिले हुए हैं और फ्रांस के मूल निवासियों के पास रहने के लिए छत नहीं है. अगर वो जीतती हैं तो इस हालात में बदलाव जरूर होगा.
ली पेन ने यह भी कहा कि कट्टरवाद फैलाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के निगरानी में जितने लोग हैं, उन्हें देश से निकाल दिया जाएगा. अगर वे फ्रांस की नागरिकता ले चुके हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाएगा.
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