नई दिल्ली(9 मई): केंद्र की मोदी सरकार को तीन साल पूरे होने वाले हैं। 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने युवाओं को 1 करोड़ रोजगार के अवसर देने का वादा किया था। पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट को भेजे जाने वाले सभी प्रस्तावों में यह जानकारी जरूर दी जाए कि उन प्रस्तावों पर अमल करने से रोजगार के कितने मौके बनेंगे।
# वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि जिस भी प्रस्ताव के साथ कुछ खर्च जुड़ा होगा, उससे देश में जॉब क्रिएशन होना ही चाहिए और ऐसे प्रस्ताव के साथ जॉब्स एस्टिमेट दिया जाना चाहिए।
# सीतारमण ने बताया कि जब भी कोई प्रस्ताव चर्चा के लिए आता है तो प्रधानमंत्री कैबिनेट मीटिंग में पूछते हैं कि रोजगार के कितने मौके बनेंगे?'
# बता दें कि क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 लाख से ज्यादा लोग हर महीने देश के जॉब मार्केट में रोजगार तलाशने आते हैं। वहीं, मानव श्रम पर निर्भरता घटाने वाले ऑटोमेशन की वजह से स्थिति गंभीर होती जा रही है।
# गौरतलब है कि इकनॉमिक सर्वे 2017 में कहा गया है कि आबादी में युवाओं की अधिक संख्या से ग्रोथ में होने वाली बढ़ोतरी अगले पांच वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएगी क्योंकि तब तक कामकाजी उम्र वाले लोगों की संख्या में ठहराव आ चुका होगा। ऐसे में कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है।
Like Our Facebook Fan Page
Subscribe For Free Email Updates
0 comments: