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"जीन्स से जुड़ी 15 रोचक जानकारी"

||Amazing facts about jeans in Hindi||


आज-कल पहनने के मामले में जीन्स का एक अलग ही फैशन हैं। चलिये जीन्स के बारे में कुछ रोचक जानकारिया पढ़ते हैं:-
1.जींस की सबसे बड़ी कंपनी लेविस की सबसे चर्चित जींस Levi 501s को बनाने में 37 अलग-अलग सिलाई मशीन की आवश्यकता पड़ती हैं.

2. जींस का असली नाम ‘waist overalls’ हैं.

3. आप जापान में वेंडिंग मशीनों के माध्यम से जींस खरीद सकते है.

4. ब्लू जींस उत्तर कोरिया में बैन है. उत्तर कोरिया ब्लू डेनिम को अमेरिकी साम्राज्यवाद के प्रतीक के रूप में देखता है. जींस को किम जोंग इल के शासन से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

5. 325 जोड़े कपास की एक गांठ से जींस को बनाया जाता है.

6. एक समय में महिलाओं के जीन्स पर जिपर का प्रयोग सामने न होकर साइड में होता था.

7. 50% डेनिम का निर्माण भारत, चीन और बांग्लादेश में किया जाता हैं.

8. स्कीनी जींस शुद्ध कपास से नही बनती हैं.

9. अमेरिकी मोटर कंपनी ने लेवी के सहयोग से डेनिम थीम पर एक कार बनाई थी. इंडिगो ब्लू ग्रॅम्लिं में डेनिम सीटें थी.

10. दुनिया की सबसे महंगी जींस सीक्रेट सर्कस जींस है. आपको जानकर हैरानी होगी की सीक्रेट सर्कस जींस की एक जोड़ी की कीमत 1.3 मिलियन डॉलर हैं.

11. डेनिम शब्द फ्रेंच सिटी डी नीम से प्रेरित है जिसका अर्थ निमेस है.

12. 50 के दशक में नीले रंग की जींस अमेरिका के स्कूलों और थिएटर में पहनना बैन था क्योकि इसको विद्रोह के रूप में देखा जाता था.

13. एफबीआई संदिग्धों की पहचान करने और अभियुक्तों को दोषी बनाने के लिए इस पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है.

14. जब जींस को धोया जाता है तो उसका रंग एक अद्वितीय पैटर्न में फीका होता है.


15. इंडिगो रंग की जींस को शुरू में गंदगी और धूल में अच्छी तरह से छुपाने के लिए चुना गया था.

स्मार्टफोन के प्रति आपका अधिक लगाव हो सकता हैं आपके बच्चों के लिए खतरनाक, जानिए...

स्मार्टफोन के प्रति आपका अधिक लगाव हो सकता हैं आपके बच्चों के लिए खतरनाक, जानिए...

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आप अपने बच्चों के साथ समय बिताने के दौरान अगर स्मार्टफोन में अधिक व्यस्त रहते हैं तो यह आपके बच्चे में व्यवहार संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है. एक नए शोध में अध्ययनकर्ताओं ने चेताया है कि बच्चों के साथ समय बिताने के दौरान तकनीकी-संबंधित बहुत कम या सामान्य रुकावटें भी संवेदनशीलता, जल्दी गुस्सा आने, और रोने जैसे बच्चों के व्यवहार संबंधी समस्याओं से बड़े तौर पर जुड़ी हुई थीं.


अमेरिका में इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी के सह-प्राध्यापक व इस अध्ययन के मुख्य लेखक ब्रैंडसन टी मैकडेलियल ने बताया, 'हमारे निष्कर्ष डिजिटल प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग और माता-पिता और उनके बच्चों के बीच संबंधों की संभावित समस्या के बीच की कड़ी को दर्शाते हैं. 

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जब माता-पिता मोबाइल तकनीकों का उपयोग करते हैं, तो उनके बच्चों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया में बदलाव आ जाता है और डिवाइस के उपयोग से उनके बच्चों के साथ उनका सटीक संवाद प्रभावित होता है. इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 170 अभिभावकों में माता और पिता का अलग-अलग अध्ययन किया था. यह शोध 'चाइल्ड डेवलपमेंट' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. (एजेंसियों से इनपुट)

ध्यान रखें : फेसबुक की लत आपको भी अस्वस्थ और डिप्रेस्ड न बना दे...

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आधुनिक जीवनशैली में इंटरनेट का दबदबा लगातार बढ़ रहा है. इसके कई फायदे हैं, तो कई नुकसान भी. वो कहते हैं न अति हर चीज की बुरी होती है. बस वही बात इंटरनेट पर भी लागू होती है. इंटरनेट से जहां हम कम समय में ज्ञान बढ़ा सकते हैं,


वहीं यहां समय को बेवजह बरबाद करने के भी कई विकल्प मौजूद हैं. यह पूरी तरह से हमारे विवेक पर निर्भर करता है कि हम इंटरनेट का इस्तेमाल किस तरह करें. आजकल देखने में आ रहा है कि लोगों को फेसबुक, व्हट्सएप, ट्विटर जैसे कई दूसरे सोशल नेटवर्किंग साइट्स की लत पड़ गई है. वे बेवजह अपना समय इन साइटों पर बिताते हैं.
 
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फेसबुक प्रोफाइल को जो लोग हर समय जांचते रहते हैं, वे इसका कम इस्तेमाल करने वालों की तुलना में ज्यादा उदास और अस्वस्थ रहते हैं. येल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया, सैन डिएगो (यूसीएसडी) के शोधार्थियों ने 2013 से 2015 के बीच 5,208 प्रतिभागियों के फेसबुक के इस्तेमाल और मानसिक स्वास्थ्य का आकलन किया.




'मेट्रो डॉट को डॉट यूके' की रिपोर्ट के अनुसार, निष्कर्षो से पता चला कि फेसबुक का बढ़ता उपयोग सामाजिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य की कमी से संबंधित रहा. 

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इससे यह भी पता चला कि अगर उपभोक्ता अपनी प्रोफाइल्स और पोस्ट को औसत से अधिक बदलते और उन्हें लाइक करते हैं तो उन्हें मानसिक स्वास्थ्य विकार होने का खतरा अधिक होता है. 

यह रिपोर्ट यूसीएसडी के पब्लिक हेल्थ होली शाक्य के सहायक प्राध्यापक और येल के निकोलस क्रिस्ताकिस के नेतृत्व में तैयार की गई.  यह शोध 'अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.



आजकल चिलचिलाती धूप में भी छात्राओं का फैशन लुक्स को भी नजरअंदाज नहीं करते. खासकर डीयू के छात्र तो बिलकुल नहीं...

आजकल चिलचिलाती धूप में भी छात्राओं का फैशन लुक्स को भी नजरअंदाज नहीं करते. खासकर डीयू के छात्र तो बिलकुल नहीं...
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डीयू जितना अपनी पढ़ाई के लिए मशहूर है, उतना ही यहां के छात्र-छात्राओं के बेहतर फैशन सेंस के लिए भी. इस समय छात्रों के जीवन में कई बदलाव आ रहे हैं. रिजल्ट उनके करियर को एक दिशा देने में लगा है,



 जिसका खासा दबाव छात्र महसूस तो करते ही हैं. लेकिन इस बीच छात्र अपने लुक्स को भी नजरअंदाज नहीं करते. खासकर डीयू के छात्र तो बिलकुल नहीं. दिल्ली विश्वविद्यालय फैशन को लेकर हमेशा से चर्चा में रहा है. देशभर के लोग यहीं से फैशन फॉलो करते हैं. वहीं मौसम की अंगड़ाई के साथ-साथ इसके रंग भी बदलते रहते हैं. यहां छात्राएं मौसम के अनुरूप खुद को फैशन में ढाल लेती हैं और खूबसूरती के रंग बिखेरती हैं. आजकल चिलचिलाती धूप में भी छात्राओं का फैशन उन्हें एकदम तरोताजा रखने वाला है.
 
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छात्र-छात्राओं का जमावड़ा दिल्ली विश्वविद्यालय की हमेशा से शान रहा है. कॉलेज कैंपस में युवाओं को रंगीन अंदाज में देखा जा सकता है. इस पर दिल्ली विश्वविद्यालय के अदिति महाविद्यालय में दूसरे वर्ष की छात्रा भव्या का कहना है, "डीयू को फैशन सिंबल इसलिए बोला जाता है, क्योंकि यहां अलग-अलग स्टेटस से लोग आते हैं. यहां मौसम के अनुसार हर चीज आपको देखने को मिलेगी, कई तो फिल्मी सितारों को भी फॉलो करते हैं. फिल्म का ट्रेलर आते ही उनके कपड़े पहनने का ढंग फॉलो किया जाने लगता है."
 
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फैशन के बारे में उन्होंने कहा, "मैं फैशन को ज्यादा फॉलो नहीं करती, क्योंकि बहुत साधारण लड़की हूं. लेकिन मैं इतना जरूर ध्यान रखती हूं कि कब, क्या और किसके साथ क्या पहनना चाहिए." भीषण गर्मी में भी छात्रों का हुजूम फैशनेबल दिखता है. यहां फैशन के कई रंग भी देखने को मिलते हैं. इनका मस्त-मस्त फैशन दिल्ली की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी को भी मात देता है. 12वीं का रिजल्ट आ गया है, दाखिले के लिए कैम्पस में युवाओं की भीड़ उमड़ने वाली है, और तब यहां फैशन के कई अलग-अलग अंदाज देखने को मिलेंगे.


भव्या ने कहा कि इस वर्ष गर्मियों के लिए खरीदारी वह खास तरीके से करने वाली हैं. उन्होंने कहा, "मैं देखती हूं कि नया स्टूडेंट कैंपस आता है तो वो ज्यादा नई चीजें लेकर आता है. हमारे जूनियर होंगे उन्हें देखकर भी पता चलेगा कि वे क्या नया लेकर आए हैं और मैं उसी के अनुसार खरीदारी करूंगी." फैशन की दुनिया का जाना-माना नाम युवा फैशन डिजाइनर मीठी कालरा ने फैशन की सलाह देते हुए कहा, "डीयू को फैशनेबल के तौर पर देखा जाता है और जहां तक मैंने देखा है कि काफी सारे ट्रैंड हमारे दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रेरित होते हैं. तो उनके लिए गर्मियों के लिए मैं अच्छा सा सुझाव दूंगी कि व्हाइट पहनें.. इस साल का मेरा पूरा कलेक्शन ही व्हाइट है और अलावा ऑफव्हाइट भी पहनें या सूती पहन सकते हैं."
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उन्होंने कहा, "डेनिम की जीन्स, आरामदायक सूती मलमल पहन सकते हैं, हल्के रंग की पोशाक और छात्राएं ऑक्सीडाइस्ट ज्वेलरी पहन सकती हैं, यह काफी ट्रेंड में है. छोटे-छोटे पर्ल.. आजकल कलरफुल ज्वेलरी बहुत चल रही है और फुटवियर में साधारण, क्लासिक सैंडल, ये गर्मियों में कूल और ट्रेंडी हो सकते हैं."

मीठी ने कहा, "खुद को ज्यादा फैशनेलबल दिखाने और धूप से बचने के लिए रंगीन छतरी का भी प्रयोग कर सकते हैं. बेसिक रखो, क्लासिक रखो तो आप गर्मियों में इजी रहोगे."

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उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं को आरामदायक रहने की जरूरत है, इसलिए हेयर स्टाइल के तौर पर स्टाइलिश जूड़ा बना सकती हैं, पोनी भी बना सकते हैं.

यह सच है कि फैशन हर रोज बदलता रहता है. सर्दी का फैशन अलग होता है तो बरसात का अलग. इसी तरह गर्मी का फैशन भी बिल्कुल ही अलग होता है. आप लेटेस्ट फैशन ट्रेंड के हिसाब से खरीदारी कर सकती हैं, क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए छात्रों का आना-जाना शुरू होने वाला है. यानी डीयू कैंपस में फिर काफी भीड़-भाड़ रहेगी, हालांकि ऑनलाइन एडमिशन की भी सुविधा है. 

डीयू अपनी पढ़ाई के अलावा फैशन के लिए भी जाना जाता है. जहां हर साल फैशन नए ट्रेंड में नजर आता है. बदलाव में विश्वास रखने वाले यहां के स्टूडेंट्स एक तरह के फैशन में बंधकर नहीं रहना चाहते. 

दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज की छात्रा रीता ने कहा, "मैं फैशन को अपने अनुसार फॉलो करती हूं. मुझे जो अच्छा लगता है, मैं वही पहनती हूं, क्योंकि रोज-रोज अलग अंदाज में दिखना अच्छा लगता है और इस गर्मी में कुर्ती, जींस, टी-शर्ट को महत्व दे रही हूं और मुझे रंग-बिरंगी ज्वेलरी भी पहनना पसंद है और मैं इसे भी जरूर फॉलो करती हूं."

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लड़कियों के साथ-साथ लड़के भी फैशन के दौड़ में पीछे नहीं हैं. वह भी फैशन को अलग-अलग ढंग से न केवल अपना रहे हैं, बल्कि खुद को उसके अनुरूप ढाल रहे हैं.

साउथ कैंपस के रामलाल आनंद कॉलेज के छात्र सुनील का कहना है, "आखिर लड़के फैशन के मामले में लड़कियों से कम नहीं हैं. मैं शॉर्ट कैपरी अलावा, जींस, टी-शर्ट और कर्लफुल शर्ट का इस्तेमाल करता हूं और कभी-कभार अलग लुक देने के लिए इन्हें अलग-अलग ढंग से पहन लेता हूं."

 
दिल्ली की ज्यादातर लड़कियां जींस और टॉप की बजाए इस बार बिना दुपट्टा पटियाला सलवार के साथ कॉटन की शार्ट कुर्ती में भी दिखाई दे रही हैं. वहीं नॉर्थ ईस्ट के ज्यादातर छात्राओं की पसंद डीप राउंड नेक वाली टी-शर्ट्स, शॉर्ट्स और कैपरी ही है.

इन गर्मियों के मौसम में खादी के कपड़ों में यू दिखे फैशनेबल...

इन गर्मियों के मौसम में खादी के कपड़ों में यू दिखे फैशनेबल...

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दिल्ली: गर्मियों के मौसम में खादी के कपड़े आपके लिए उपयुक्त साबित हो सकते हैं. खादी के कपड़े से बने स्पेगेटी टॉप, डेनिम से लेकर शॉर्ट ड्रेस तक इस मौसम में न केवल आपके लिए आरामदेह साबित होंगे बल्कि आपको नया और स्मार्ट लुक भी देंगे. 'वूनिक डॉट कॉम' की स्टाइल प्रमुख भाव्या चावला, 'शापओटॉक्स डॉट कॉम' के सह-संस्थापक जिम्मी कौल और 'एलयूआरएपी डॉट कॉम' की प्रमुख (डिजाइन) स्मृति खुराना ने खादी के कपड़ों में फैशनेबल दिखने के संबंध में ये सुझाव दिए हैं  



@ खादी की हाथ से बनी साड़ी सबसे बेहतर होती है और ये विभिन्न रंगों और स्टाइल में मिलती हैं. खादी साड़ी को पहनने से कोई समस्या नहीं होती है क्योंकि ये गर्मी में आरामदेह होती है. मॉडर्न लुक के लिए जरदोजी की कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंट वाली खादी की साड़ी चुनें. आप रंगीन प्लेन खादी साड़ी को कढ़ाईदार शर्ट ब्लाउज के साथ भी पहन सकती हैं, जो आपको एकदम नया लुक देगा.

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@ अलग अंदाज और स्टाइल में नजर आने के लिए आप खादी की स्पेगेटी, टॉप को स्कर्ट या ढीले ढाले पैंट के साथ पहन सकती हैं. आप खादी के क्रॉप टॉप को हल्के घेरदार (रैप-अराउंड ) स्कर्ट के साथ पहनकर बेहद आकर्षक नजर आ सकती हैं.

@ बच्चों के लिए खादी का कपड़ा सबसे अच्छा होता है. साधारण प्रिंट वाले ड्रेस या विभिन्न डिजाइनों वाले कट फ्लेअर्ड खादी के टॉप लड़कियों के लिए बेहतर होंगे, जबकि लड़के हाथ से तैयार खादी के शर्ट और पैंट पहन सकते हैं. बच्चों के लिए खादी को पहनना आसान और आरामदेह होता है.


@ अगर आप गर्मियों के मौसम में और सहज महसूस करना चाहती हैं तो खादी के कुर्ते या शॉर्ट ड्रेस पहन सकती हैं. आप गले पर बढ़िया कढ़ाई वाली कुर्ती के साथ कुछ आभूषण भी पहन सकती हैं, जिसमें आप बेहद खूबसूरत दिखेंगी.

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@ चटख रंग के खादी के स्कॉर्फ या दुपट्टे को आप प्लेन ड्रेस के साथ पहन सकती हैं. दुपट्टे को हल्के रंग की कुर्ती के ऊपर पहनें, जिससे आप निश्चित रूप से भीड़ से अलग नजर आएंगी.

@ गर्मियों में आप खादी के शॉर्ट पैंट या श्रग भी पहन सकती हैं। शॉर्ट के ऊपर खादी का श्रग पहनें, जो आपको स्मार्ट लुक देगा.

@ स्टाइल और सहजता के हिसाब से खादी का डेनिम बेहतर होता है. डेनिम खादी पैंट को ऑफ शोल्डर या कोल्ड शोल्डर टॉप के साथ पहनें.

पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंद बनाने से होते हे ये फायेदे...

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@ भारत में अधिकतर महिलाएं अपने पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने से कतराती हैं। मगर आपको जो हम बताने जा रहें है उसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। आपको बता दें की पीरियड्स में संबंध बनाना है सबसे अच्छा। किसी प्रकार के इन्फेक्शन से बचने के लिए महिलाएं जरूर अपने पार्टनर को प्रोटेक्शन लेने की सलाह जरूर दें। आपको चलिए बतातें है आखिर कौन सी वह 5 वजह है, जिस के वजह से आपको पीरियड के दिनों में  संबंद करना चाहिए।
@ नाजूक भाग अधिक संवेदनशील होता है - पीरियड्स के दिनों में स्तन, योनिलिंग और पेट के निचे का भाग अधिक संवेदनशील हो जाता है। आपको बता दें की इस समय में संबंद करने से सबसे ज्यादा आनंद मिलता है।
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@ पीरियड के दिनों में दर्द कम होता है - आपको बता दें की पीरियड के दिनों में महिलाएं बहुत दर्द से गुजरती है। महिलाएं अगर इन दिनों में  संबंद करती हैं तो उन्हें अपने पीरियड्स के दर्द में रहत मिलेगी। सेक्शुअल हेल्थ डीपार्टमेंट ऑफ इंडियाना युनिर्व्हसिटी के स्टडी के अनुसार यह बात कही गयी है। 
@ एक दूसरे का साथ सुधरता है - पीरियड्स के दिनों में पुरुष और महिलाएं दोनों संबंद करने से कतराते है। मगर इस समय  संबंद करने से पति पत्नी का रिश्ता और गिरता है। एक दूसरे के लिए और भी प्यार उभर कर सामने आता है। यह ऐसा समय होता है जब महिलाएं बेहद पीड़ा की इस्तिथि से गुज़रती रहती हैं। ऐसे में आपका उनको प्यार करना आपके रिश्ते को और भी मजबूती देता है।
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@ महिलाएं इस वक़्त ज्यादा उत्तेजित होती हैं - पीरियड्स के वक़्त संबंद करने के लिए आपको अपनी पार्टनर को उत्तेजना दिलाने के लिए ज्यादा म्हणत करने की कोई जरुरत नहीं पड़ती। आपको बता दें की पीरियड्स के समय महिलाओं को संबंध बनाने की सबसे अधिक इक्षा होती है। ऐसे समय में महिलाएं अधिक संवेदनशील होती हैं। इस कारण संबंध बनाना आपके लिए एक अच्छा और नया अनुभव हो सकता है।
@ संबंद करते समय ल्युब्रिकंट्स की जरुरत नहीं - पीरियड्स के दौरान संबंद करते वक़्त आपको किसी भी प्रकार के ल्युब्रिकंट्स की जरुरत नहीं पड़ेगी। बस पीरियड्स के आखिरी दिनों में आपको सेक्स करने के लिए ल्युब्रिकंट्स की जरूरत पड़ सकती है। आपको बता दें की इस दौरान संबंद करना सबसे अधिक आनंद प्रदान करता है।