
शुरुआत में सब इस फैसले को देखकर दंग रह गए थे लेकिन नतीजों ने सबकी बोलती बंद कर दी।
नई दिल्ली। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर अपने बेबाक बयानों के साथ-साथ अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए भी जाने जाते हैं। आइपीएल-10 के पहले मैच में जहां उन्होंने अचानक क्रिस लिन (नाबाद 93) को ओपनिंग पर उतारकर वाहवाही बटोरी थी वहीं गुरुवार रात को पंजाब के खिलाफ मैच में उन्होंने फिर एक चौंकाने वाला फैसला लिया। शुरुआत में सब इस फैसले को देखकर दंग रह गए थे लेकिन नतीजों ने सबकी बोलती बंद कर दी।
- कैप्टन गंभीर का एक और मास्टर स्ट्रोक
गौतम गंभीर ने पंजाब के खिलाफ कोलकाता के इडेन गार्डन में हुए इस मुकाबले में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले सुनील नरेन को अपने साथ ओपनिंग करने उतारा। फैंस ने नरेन को कम ही पारी की शुरुआत करते देखा है। यही नहीं, पारी की पहली गेंद भी गंभीर ने नहीं, बल्कि नरेन ने खेली। सबको लगा ये फैसला कोलकाता पर भारी पड़ सकता है लेकिन नरेन ने अपने कप्तान की लाज बचा ली। नरेन ने 18 गेंदों पर 37 रनों की धुआंधार पारी खेल डाली जिस दौरान 4 चौके और 3 शानदार छक्के भी जड़े। वो जिस ओवर में आउट हुए, वरुण एरोन के उस ओवर की पहली और दूसरी गेंद पर उन्होंने लगातार दो छक्के जड़े जबकि तीसरी गेंद पर चौका जड़ा। नरेन को इस शानदार पारी और एक विकेट लेने के लिए 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब भी मिला। ये ट्वंटी20 क्रिकेट में नरेन का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले 218 ट्वंटी20 मैचों में खेलते हुए उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 30 रन का था।
- शानदार पार्टनरशिप
नरेन ने न सिर्फ धुआंधार पारी खेली बल्कि पिच पर अपने कप्तान का भी बखूबी साथ दिया। दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी की। गंभीर नाबाद 72 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को 8 विकेट से जीत दिलाकर ही पवेलियन लौटे। कोलकाता ने ये मैच 16.3 ओवर में ही जीत लिया। इस मैच के बाद अब ये साफ हो गया है कि नरेन को आगे से सिर्फ एक स्पिनर के रूप में नहीं देखा जाएगा।
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