
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यक कौन इसपर केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर की राज्य सरकार से सवाल पूछा था
अब केंद्र और राज्य सरकार अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में अगले आने वाले दिनों में जमा करेंगी
बता दें की जम्मू कश्मीर में कुल मिलकर 68% मुसलमान है, और कश्मीर में तो मुसलमानो की संख्या 99% है
वहां के तमाम हिन्दुओ को मारकर भगा दिया गया, और उनकी जमीनों पर आज मुसलमानो ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, और हिन्दू देश के अलग अलग इलाकों में रिफ्यूजी बने घूम रहे है
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कहा है की, अल्पसंख्यक का दर्जा मुसलमानो के पास ही रहना चाहिए
बता दें की सिर्फ कश्मीर ही नहीं भारत के अन्य भी कई इलाकों जैसे, अरुणांचल, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय इत्यादि में भी हिन्दू अल्पसंख्यक है, जबकि अल्पसंख्यक का लाभ दूसरे समुदाय वाले ले रहे है
68% मुसलमान होते हुए भी, जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यक का लाभ, सब्सिडी और अन्य कई लाभ मुसलमान ही ले रहे है, जो अपने आप में भारत के सेक्युलर संविधान के गलत होने का प्रमाण है, खैर
अब इस मुद्दे पर मशहूर अमरीकी लेखक डॉ. डेविड फ़्रॉली ने भी बड़ा बयान दिया है
डॉ. डेविड फ़्रॉली ने कहा है की, भारत में बिलकुल अजीब तरह का नियम चलता है, जो अपने आप में ही दोहरापन को दिखाता है
डॉ. डेविड फ़्रॉली ने कहा की, भारत में हिन्दू बहुसंख्यक है, इसलिए मुसलमान को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला है, उसे हज सब्सिडी दी जाती है, अल्पसंख्यक मंत्रालय है, अल्पसंख्यक के नाम पर सैंकड़ो सुविधाएं मिलती है
पर अगर भारत में हिन्दू की जगह मुसलमान बहुसंख्यक होता तो हिन्दू का क्या होता ?
डॉ. डेविड फ़्रॉली ने कहा की ये सवाल कोई बहुत मुश्किल सवाल नहीं है, क्योंकि मुस्लमान बहुसंख्यक हो तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर को देखकर आसानी से पता चल जाता है की
हिन्दू का क्या होगा।
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