
गृह युद्ध की आग में झुलसे सीरिया में रासायनिक हथियार हमले के बाद अमेरिका ने हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात से अब तक अमेरिका ने सीरियाई सरकार के हवाई ठिकानों पर 60 से ज्यादा मिसाइलें दाग चुका है.
सीरिया में रासायनिक हमले के बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया है. इस हमले में 30 बच्चे और 20 महिलाओं समेत कम से कम 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सीरियाई सरकार की ओर से किए गए रासायनिक हमले के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है.
पेंटागन ने जारी किया हमले का वीडियो
सीरिया पर अमेरिकी जंगी बेड़ा से क्रूज मिसाइलों को दागने का पेंटागन ने वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियों में अमेरिकी जंगी बेड़ा से लांच होता मिसाइल दिख रहा है. अमेरिका ने कहा कि केमिकल अटैक को अंजाम देने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता है.
सीरिया पर अमेरिकी जंगी बेड़ा से क्रूज मिसाइलों को दागने का पेंटागन ने वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियों में अमेरिकी जंगी बेड़ा से लांच होता मिसाइल दिख रहा है. अमेरिका ने कहा कि केमिकल अटैक को अंजाम देने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता है.
पहली बार सीरियाई सरकार के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सीरिया के हवाई ठिकानों पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी गईं. यह पहली बार है, जब व्हाइट हाउस ने सीरियाई सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के इडलिब में रासायनिक हमले के लिए सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को जिम्मेदार ठहराया था.
संयुक्त राष्ट्र की बैठक में सीरिया के खिलाफ कार्रवाई करने की सहमति नहीं बनने के बाद अमेरिका ने स्पष्ट कह दिया था कि अगर यूएन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करता है, तो वह खुद ही सीरियाई सरकार के खिलाफ कार्रवाई करेगा.
उत्तर कोरिया समेत अन्य देशों को कड़ा संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया, यमन और इराक में सैन्य कार्रवाई का आदेश देकर उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों को भी कड़ा संदेश दिया है कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना इन देशों में भी कार्रवाई करने की तैयारी में है. राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया, यमन और इराक में सैन्य कार्रवाई का आदेश देकर उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों को भी कड़ा संदेश दिया है कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना इन देशों में भी कार्रवाई करने की तैयारी में है. राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया.
सीरियाई मीडिया ने बताया अमेरिकी आक्रमण
सीरियाई मीडिया ने अमेरिका के हवाई हमले को 'आक्रमण' करार दिया है. इनके मुताबिक अमेरिका ने सीरियाई सरकार के हवाई ठिकानों पर मिसाइलें दागी जा रही हैं. सीरियाई सुरक्षा बलों को सीधे तौर पर निशाना बनाया जा रहा है.
सीरियाई मीडिया ने अमेरिका के हवाई हमले को 'आक्रमण' करार दिया है. इनके मुताबिक अमेरिका ने सीरियाई सरकार के हवाई ठिकानों पर मिसाइलें दागी जा रही हैं. सीरियाई सुरक्षा बलों को सीधे तौर पर निशाना बनाया जा रहा है.
सीरियाई नागरिकों से ट्रंप की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरियाई सरकार के हवाई ठिकानों पर क्रूज मिसाइल से किए जा रहे हमले को सीरिया के हित में करार दिया. उन्होंने सीरियाई नागरिकों से इसमें अमेरिका की मदद करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सीरिया में हत्याओं को बंद करने के लिए नागरिक अमेरिका के साथ आएं. ट्रंप ने साफ कहा कि इसमें किसी तरह का मतभेद नहीं है कि सीरियाई सरकार ने प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर बेकसूर लोगों की जान ली. उन्होंने कहा, 'मैंने सीरिया में हवाई हमले का आदेश दिया है. बशर ने कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया, जिसके चलते मुझे सोचने पर मजबूर होना पड़ा.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरियाई सरकार के हवाई ठिकानों पर क्रूज मिसाइल से किए जा रहे हमले को सीरिया के हित में करार दिया. उन्होंने सीरियाई नागरिकों से इसमें अमेरिका की मदद करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सीरिया में हत्याओं को बंद करने के लिए नागरिक अमेरिका के साथ आएं. ट्रंप ने साफ कहा कि इसमें किसी तरह का मतभेद नहीं है कि सीरियाई सरकार ने प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर बेकसूर लोगों की जान ली. उन्होंने कहा, 'मैंने सीरिया में हवाई हमले का आदेश दिया है. बशर ने कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया, जिसके चलते मुझे सोचने पर मजबूर होना पड़ा.'
आखिर कौन है रासायनिक हमले के लिए जिम्मेदार
कुछ लोगों ने गैस की तपिश कम करने के लिए ठंडे पानी का सहारा लिया. जिससे फौरी राहत तो मिली, लेकिन ज़िंदगी कम ही को मिली. सीरिया में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों के साथ अमेरिका की माने तो इस हमले के पीछे कोई और नहीं बल्कि खुद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ही हैं. हालांकि खुद सीरियाई फ़ौज के साथ-साथ उनके राष्ट्रपति बशर अल असद के हक में विद्रोहियों पर हमला करने वाले रूस ने इन इल्ज़ामों सिरे से खारिज कर दिया.
कुछ लोगों ने गैस की तपिश कम करने के लिए ठंडे पानी का सहारा लिया. जिससे फौरी राहत तो मिली, लेकिन ज़िंदगी कम ही को मिली. सीरिया में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों के साथ अमेरिका की माने तो इस हमले के पीछे कोई और नहीं बल्कि खुद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ही हैं. हालांकि खुद सीरियाई फ़ौज के साथ-साथ उनके राष्ट्रपति बशर अल असद के हक में विद्रोहियों पर हमला करने वाले रूस ने इन इल्ज़ामों सिरे से खारिज कर दिया.
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