
जैसा कि आप जानते हैं कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था । प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था । लोग एटीएम से पैसा नहीं निकाल नहीं पा रहे थे । फिर भी लोग मोदी जी के इस फैसले को सराह रहे है । आम जनता ने मोदी जी के इस फैसले को बोल्ड निर्णय करार दिया है । लेकिन कुछ नेता ऐसे भी है जो इस फैसले को गलत साबित करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है
सबसे ज्यादा विरोध अरविन्द केजरीवाल और ममता बनर्जी कर रहे है । लेकिन अरविन्द केजरीवाल की पार्टी को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पार्टी DTC के जरिये अपने पुराने 500-1000 के नोटों को ठिकाने लगा रही है ? यह सवाल हम नहीं सोशल मीडिया पर जागरूक नागरिक कर रहे है । उड़ती उड़ती ख़बर है कि पिछले कुछ दिनों से DTC यात्रियों से छोटे नोट ले रही है लेकिन सरकारी खजाने में बड़े नोट जमा करा रही है । शक की बात ये है कि सरकार ने 8 नवम्बर को ही आदेश जारी किया था कि DTC बसों में 500 और 1000 के नोट मान्य नहीं होंगे । सराकर चाहती तो DTC बसों में बड़े नोटों को मान्य कर सकती थी लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया ।देखिए लोग क्या कह रहे हैं ?
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