
New Delhi, 22 November: नोटबंदी के बाद वैसे तो हजारों बेईमानों और कालाबाजारियों का खेल ख़त्म हो गया है लेकिन अभी भी कुछ लोग हैं जो गरीबो को लूट रहे हैं और आगे भी लूटते रहने के चांसेस हैं। इन्होने लोगों में से एक हैं प्राइवेट स्कूल वाले। कालेधन का खेल तो ख़त्म हो गया लेकिन ये आगे भी कैश में फीस और डोनेशन देकर जनता को लूट सकते हैं। कैश में लिया गया अधिकतर पैसों पर सरकार को टैक्स नहीं दिया जाता और और ये लोग उस कालेधन से ऐश करते हैं।
प्राइवेट स्कूलों की लूटखोरी को देखकर अब जनता ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग कर दी है कि अगली सर्जिकल स्ट्राइक प्राइवेट स्कूलों पर की जाय क्योंकि इन्होने हद से ज्यादा लूट मचा रखी है, ये लोग मंहगी मंहगी फीस तो लेते ही हैं, बच्चों को किताबों, कापियों, ड्रेस और अन्य चीजों में भी जमकर लूटते हैं, एक बार स्कूल में जाने के बाद बच्चों को किताबें भी इन्हीं लोगों की खरीदनी पड़ती हैं, कापियां भी इन्हीं लोगों की खरीदनी पड़ती है, ड्रेस भी इन्हीं लोगों से खरीदनी पड़ती है इसके अलावा बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिन्हें ये स्वयं बच्चों को बेचकर उनसे मोटी कमाई करते हैं।
अब लोगों की नजर इनकी लूट पर पहुँच गयी है इसलिए अगली सर्जिकल स्ट्राइक इन्हीं पर करने की मांग की गयी है। एक बार अगर ये लोग सुधर गए तो शिक्षा का बाजारीकरण रुक जाएगा और गरीबों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढने का सपना देख सकेंगे।
वैसे जानकारी के लिए बता दें कि प्राइवेट स्कूलों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का इशारा स्वयं मोदी भी कर चुके हैं, आगरा रैली में उन्होंने कहा था कि प्राइवेट स्कूल वाले बच्चों के एडमिशन के वक्त कैश में नोट मांगते हैं, गरीबों को मजबूरीवश इमानदारी का धन कालेधन वालों को देना पड़ता है। अब ये लोग बर्बाद होंगे।
Like Our Facebook Fan Page
Subscribe For Free Email Updates
0 comments: