
नई दिल्ली: बीस दिन की योगी सरकार ने बाइस करोड़ के उत्तर प्रदेश में सबकी जिंदगी में सुधारने के लिए पांच बड़े कदम उठाए हैं. स्वास्थ्य, बिजली और सुरक्षा के साथ भोजन और भ्रष्टाचार पर चोट करके योगी सरकार प्रदेश के आखिरी आदमी तक अपनी योजनाएं पहुंचाना चाहती है.
पहला कदम: भ्रष्टाचार पर चोट
य़ोगी सरकार आने के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार पर बड़ी नकेल कसी गई है. सभी विभाग के अफसरों को किसी भी तरह के भ्रष्टाचार रोकने की सख्त हिदायत दी गई हैं. भ्रष्टाचार के लिए बदनाम आरटीओ विभाग में भी योगी सरकार आने के बाद खलल पड़ गया है.
य़ोगी सरकार आने के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार पर बड़ी नकेल कसी गई है. सभी विभाग के अफसरों को किसी भी तरह के भ्रष्टाचार रोकने की सख्त हिदायत दी गई हैं. भ्रष्टाचार के लिए बदनाम आरटीओ विभाग में भी योगी सरकार आने के बाद खलल पड़ गया है.
मेरठ के आरटीओ दफ्तर में पुलिस ने दो घंटे तक की और 35 दलालों को दबोच लिया. दफ्तर खुलते ही अचानक पुलिस मौके पर पहुंची, कुछ दलाल तो पकड़े गए और जो छिपने के लिए दफ्तर के भीतर घुसे उन्हें भी नहीं छोड़ा गया. आरटीओ दफ्तर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था । योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रशासन को ऐसे दलालों की लिस्ट सौंपी गई थी
दूसरा कदम: गरीबों को सस्ता भोजन
योगी सरकार तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन और शिवराज सरकार की दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना की तर्ज पर गरीबों के लिए सस्सा भोजन उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है. आपको बता दें कि अभी गोरखपुर के गोरखनाथ अस्पताल में दस रुपये की थाली मिलती है.
मरीज और उनके रिश्तेदारों से लेकर बाहर से आए लोगों को पिछले आठ सालों से इस तरह का खाना मिल रहा है. अब इसी तर्ज पर राज्य भर में 5 रुपये का खाना और तीन रुपये का नाश्ता देकर योगी चाहते हैं कि प्रदेश में कोई भूखा ना सोए.
योगी के योजना के मुताबिक इन कैंटीन में बेहद कम कीमत पर नाश्ते में दलिया, इडली-सांभर, पोहा और चाय-पकौड़ा होगा और खाने में रोटी, सब्जी, अरहर की दाल और चावल मिलेगा. इन कैंटीन को ऐसी इलाकों के पास बनाया जाएगा जहां ज्यादा संख्या में मजदूर और गरीब परिवार रहते हैं. योगी चाहते हैं कि गरीब, आमजन, असहाय उन सबको इस प्रकार की सुविधा दी जा सके.
योगी सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को हकीकत में लाने के लिए 12 तारीख यानी दो दिन बाद मुख्यमंत्री के साथ श्रम विभाग का प्रेजेंटेशन होना है. पहले से भवन निर्माण में लगे संगठित मजदूरों के लिए स्कीम चल रही है जो सिर्फ बड़े शहरों में है अब योगी चाहते हैं कि राज्य के हर गरीब को 13 रुपये में दिन-रात का खाना मिले.
तीसरा कदम: तबादले से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
पुलिस की छवि सुधारने के लिए योगी सरकार ने पुलिस सिस्टम में पहला फेरबदल किया है. परसों प्रदेश पुलिस के प्रमुख जाविद अहमद आगरा पुलिस के कामकाज का जायजा लेने पहुंचे थे. इसके बाद योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपनीय जांच के आधार पर आगरा जोन के 118 पुलिसवालों का तबादला कर दिया है. तबादला किए गए पुलिसवालों में में इनमें 10 इंस्पेक्टर, 20 सब-इंस्पेक्टर और 88 सिपाही हैं.
पुलिस की छवि सुधारने के लिए योगी सरकार ने पुलिस सिस्टम में पहला फेरबदल किया है. परसों प्रदेश पुलिस के प्रमुख जाविद अहमद आगरा पुलिस के कामकाज का जायजा लेने पहुंचे थे. इसके बाद योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपनीय जांच के आधार पर आगरा जोन के 118 पुलिसवालों का तबादला कर दिया है. तबादला किए गए पुलिसवालों में में इनमें 10 इंस्पेक्टर, 20 सब-इंस्पेक्टर और 88 सिपाही हैं.
इससे पहले कल ही योगी ने अधिकारियों की ड्रीम टीम बनाई है जिसमें 18 जिलों के अफसरों को चुना गया है. तीन दिन पहले ही 29 जिलों के डीएम बदलने की फाइल आई थी.. योगी ने सबके बारे में फीडबैक लिया.. काम से लेकर आरोप की जानकारी ली और 18 अफसरों को चुनकर मसूरी ट्रेनिंग लेने के लिए भेज दिया है..
चौथा कदम: गरीबों को मिले सस्ता इलाज
पिछले हफ्ते ही योगी ने आदित्यनाथ केजीएमसी में प्राइवेट में प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की हकीकत बताई थी और अब सरकार ने ऐसे डॉक्टरों की पहचान करने के लिए आदेश जारी कर दिया है. स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने वैसे सरकारी डाक्टरों की लिस्ट मांगी है जो प्रायवेट प्रैक्टिस करते है।
इसके लिए सभी ज़िलों के चीफ मेडिकल अफसर से महीने भर में ब्यौरा भेजने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश में एक लाख लोगों पर सिर्फ तीन अस्पताल हैं जबकि सिर्फ 101 डॉक्टर हैं. राज्य में पांच लाख डॉक्टरों की जरूरत है.
पिछले हफ्ते ही योगी ने आदित्यनाथ केजीएमसी में प्राइवेट में प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की हकीकत बताई थी और अब सरकार ने ऐसे डॉक्टरों की पहचान करने के लिए आदेश जारी कर दिया है. स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने वैसे सरकारी डाक्टरों की लिस्ट मांगी है जो प्रायवेट प्रैक्टिस करते है।
इसके लिए सभी ज़िलों के चीफ मेडिकल अफसर से महीने भर में ब्यौरा भेजने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश में एक लाख लोगों पर सिर्फ तीन अस्पताल हैं जबकि सिर्फ 101 डॉक्टर हैं. राज्य में पांच लाख डॉक्टरों की जरूरत है.
पांचवां कदम: गरीब के घर मुफ्त बिजली कनेक्शन
अंत्योदय योजना की तर्ज पर हर बीपीएल कार्डधारी को योगी सरकार फ्री में बिजली कनेक्शन देगी. इसके अलावा योगी सरकार बिजली बिल के लिए समाधान योजना भी लाने वाली है. जिनका बिजली बिल बकाया है और दे पाने में असक्षम हैं. उनके लिए योगी सरकार समाधान योजना लाएगी ताकि एक बार में पुराना बिल जमा कर दें. इसके बाद ये स्कीम नहीं आएगी.
अंत्योदय योजना की तर्ज पर हर बीपीएल कार्डधारी को योगी सरकार फ्री में बिजली कनेक्शन देगी. इसके अलावा योगी सरकार बिजली बिल के लिए समाधान योजना भी लाने वाली है. जिनका बिजली बिल बकाया है और दे पाने में असक्षम हैं. उनके लिए योगी सरकार समाधान योजना लाएगी ताकि एक बार में पुराना बिल जमा कर दें. इसके बाद ये स्कीम नहीं आएगी.
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