
अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को लिखी चिट्ठी के जरिये प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए और शिक्षा से जुड़ी जानकारी सावर्जनिक करने की मांग की थी।
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम चुनाव 2017 की तैयारी के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झटका लगा है। असम की एक स्थानीय अदालत ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का जमानती वारंट जारी किया है। पिछली सुनवाई में अदालत में केजरीवाल के हाजिर न होने के बाद कोर्ट ने ये वारंट जारी किया है।
इसलिए जारी किया है गिरफ्तारी का वारंट
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर टिप्पणी के मामले में अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था। आपराधिक मानहानि के एक मामले में पेशी के लिए और समय की मांग की केजरीवाल की अर्ज़ी को अदालत ने खारिज कर दिया। वहीं, केजरीवाल ने दिल्ली में एमसीडी चुनाव की व्यस्तताओं का हवाला देते हुए पेशी के लिए और समय की मांग की थी। अब अदालत ने केजरीवाल की गिरफ्तारी का जमानती वारंट जारी किया है।
यह है मामला
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर, 2016 को ट्वीट करते हुए लिखा था- 'मोदीजी 12वीं पास हैं, उसके बाद की डिग्री फर्जी है।' इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को लिखी चिट्ठी के जरिये भी प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए और आयोग से पीएम की शिक्षा से जुड़ी जानकारी सावर्जनिक करने की मांग की थी। हालांकि, भाजपा ने इस बाबत प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री से जुड़े कागजात पेश किए थे। बावजूद इसके आम आदमी पार्टी लगातार दिल्ली विश्वविद्यालय से डिग्री को सार्वजनिक करने की मांग करती रही।
वहीं, केजरीवाल के ट्वीट पर भाजपा नेता सूर्य रोंगफर ने असम में केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का केस किया है। कोर्ट के समक्ष पेश ना होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। हालांकि गुरप्रीत सिंह उप्पल की और से कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया था कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव के चलते केजरीवाल का कोर्ट के समक्ष पेश होना संभव नहीं है।
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