
8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 500-1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी और कहा था कि इन नोटों का इस्तेमाल को अवैध माना जाएगा! लेकिन लगता है दिल्ली सरकार को प्रधानमंत्री के फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ता! तभी करेंसी बैन के बावजूद दिल्ली ट्रांसपोर्ट में पुराने नोटों के साथ transaction की गई! ACB की एक जाँच से पता चला है कि DTC के अफसरों ने सरकार द्वारा बैन किए गए 500 और 1000 के नोट किराये में बदले हैं। ऐसा प्रारंभिक जाँच से पता चल रहा है।
ACB की जाँच से यह साफ़ हो रहा है कि 8 और 20 नवम्बर के बीच डीटीसी ने तकरीबन 8 करोड़ के अवैध निविदाओं के ज़रिए यह किया। हालाकि सरकार के साफ़-साफ़ निर्देश थे, कि ऐसा करना गलत होगा।
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दिल्ली सरकार ने यह न्यायिक जाँच अब ACB –Anti Corruption Branch, को दे दी है। जाँच करने वाले अफसरों ने खुलासा किया है कि एक बात साफ तो है कि वह धन सफ़ेद कर रहे थे, या फिर वह यह काम और किसी और के लिए, किसी और के निर्देश पर कर रहे थे। पूरी सच्चाई जाँच के बाद ही बाहर आएगी।
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सूत्रों ने बताया है कि दिल्ली सरकार ने 9 नवम्बर को एक पत्र के ज़रिए डीटीसी को यह आदेश दिए थे कि वह पुराने नोट इस्तमाल करने एक दम बंद कर दें। लेकिन इन आदेशों की अवहेलना करते हुए, डीटीसी पुरानी करेंसी स्वीकार करती रही।

न ने बताया कि उन्हें 20 नवम्बर को शिकायत मिली कि डीटीसी पुराने नोट लेकर छोटे नोट दे रही थी। और जाँच से पता चला कि यह गैरकानूनी काम डीटीसी के आधे से ज्यादा डीपोट्स पर पिछले 12 दिनों से चल रहा था। सबसे ज्यादा गड़बड़ घोटाला पश्चिम इलाके में हो रहा था, जहाँ 60,000 नोट जिनकी कीमत 4 करोड़ आंकी जा रही है, को छोटे नोटों में बदला गया।
वैसे अरविन्द केजरीवाल के राज़ में घोटाला होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने जो भी काम किए हैं, उसके सामने 8 करोड़ का घोटाला तो कुछ भी नहीं हैं। देखते हैं जाँच में क्या निकलता है।
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