जयपुर (11 अप्रैल): राजस्थान में रहने के लिए पहले आपको गायों के लिए आपको टैक्स चुकाना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि वसुंधरा सरकार ने स्टांप पेपर 20 फीसदी महंगा कर दिया है। संपत्ति, रेंट एग्रीमेंट में लगनेवाले स्टांप ड्यूटी पर अब 10 फीसदी का सरचार्ज गायों की सुरक्षा और देखभाल के लिए देना होगा।
राजस्थान की वसुंधरा सरकार के खिलाफ कांग्रेस भले ही मोर्चा लेने की कोशिश करती हो, लेकिन सरकार अपने फैसलों से उसकी टेंशन ही बढ़ा देती है। राजस्थान सरकार ने गौरक्षा के नाम पर फिर से अपना खजाने को भरने का फैसला किया है। इसके लिए जरिया बनाया गया है स्टांप पेपर्स को महंगा कर दिया गया है।
राजस्थान में स्टांप पेपर 20 फीसदी महंगे हो गए हैं। यानी संपत्ति की खरीद बिक्री और रेंट एग्रीमेंट का स्टांप पेपर अब 100 रुपये के बदले 120 रुपये में मिलेगा। सरकारी आदेश के मुताबिक राजस्थान स्टांप अधिनियम 1998 के तहत गौपालन विभाग को स्टांप ड्यूटी पर 10 फीसदी सेस वसूलने का हक मिला है। इसका इस्तेमाल गायों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल पर किया जाएगा।
अब तक जमीन की रजिस्ट्री कराने पर ही इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा गौ-संरक्षण के लिए 20 फीसदी सरचार्ज वसूला जाता था। जिसे हटाने की मांग भी की गई थी, लेकिन इस मांग को नजरअंदाज कर नया फैसला ले लिया गया। हालांकि 2017-18 के बजट भाषण के दौरान ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गौशालाओं को और बेहतर बनाने के लिए सरचार्ज वसूले जाने का एलान कर दिया था। सरकार के फैसले के बाद अब 500 रुपये के स्टाम्प पेपर के लिए 600 रुपये चुकाने होंगे। पावर ऑफ अटार्नी के 2000 के स्टांप पेपर के लिए अब 2400 रुपये देने होंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि एक प्राइवेट कंपनी को स्टांप बिकने पर कमीशन का अधिकार देकर सरकार सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि इससे सालाना 33 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में इस कंपनी को जाएगा। विरोध के सुर अपनी जगह, लेकिन राजस्थान में रहने के लिए अब तो गायों की सुख-सुविधा के लिए टैक्स भरना ही होगा।
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